आजकल बच्चों का हाल देखो तो ऐसा लगता है जैसे फोन उनका सबसे अच्छा दोस्त और सबसे बड़ा दुश्मन – दोनों बन गया है। घर में, पार्क में, यहां तक कि खाना खाते वक्त भी बच्चों के हाथ में फोन चिपका होता है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब, गेम्स – सबकुछ इतना ऐडिक्टिव है कि बच्चों को बाकी दुनिया बोरिंग लगने लगती है।
अगर आपके घर में भी ऐसा ही सीन है और आपको लगता है कि बच्चे को फोन की लत लग चुकी है, तो अब एक्शन लेने का टाइम है। वरना बाद में पढ़ाई, आंखें और दिमाग – तीनों पर असर पड़ेगा। तो चलिए जानते हैं कुछ आसान और असरदार तरीके जिससे आप बच्चे को मोबाइल की आदत से बाहर निकाल सकते हैं।
1. फोन की लत पहचानो – वरना देर हो जाएगी
सबसे पहले तो आपको ये समझना होगा कि लत है भी या नहीं। लक्षण कुछ ऐसे होते हैं:
- हर 5-10 मिनट में फोन चेक करना
- पढ़ाई से भागना लेकिन गेम खेलने में घंटों लगा देना
- खाना खाते-खाते वीडियो देखना
- रात को लेटकर देर तक मोबाइल चलाना
अगर ये सब आपके बच्चे में है, तो समझ लो अलार्म बज चुका है।



2. टाइम टेबल सेट करो – साफ और सटीक तरीका
बच्चे को साफ-साफ स्क्रीन टाइम लिमिट बताओ – जैसे दिन में 1-2 घंटे से ज्यादा फोन नहीं।
- पढ़ाई, खेल, फैमिली टाइम – सबका अलग स्लॉट बनाओ
- टाइम टेबल बनाकर दीवार पर चिपका दो
- टाइम खत्म होने के बाद फोन हाथ से ले लो – थोड़ी सख्ती ज़रूरी है
3. खुद मिसाल बनो – बच्चे सिर्फ सुनते नहीं, देखते हैं
अगर आप खुद फोन में स्क्रोल मारते रहेंगे तो बच्चा क्यों मानेगा?
- फैमिली टाइम में अपना फोन दूर रखो
- बच्चे को दिखाओ कि फोन के बिना भी मज़ा है
- वीकेंड पर बिना फोन वाले प्लान बनाओ – जैसे पिकनिक या मूवी


4. ऑफलाइन मस्ती – फिर से गली क्रिकेट, कैरम और लूडो
बच्चों को स्क्रीन से हटाने का सबसे आसान तरीका है उन्हें ऑफलाइन मस्ती में लगाना।
- पार्क में खेलने भेजो
- पुराने गेम्स सिखाओ – पिट्ठू, खो-खो, कैरम
- आर्ट, म्यूज़िक, डांस जैसी हॉबीज में बच्चे को शामिल करो
5. कंटेंट फिल्टर लगाओ – सिर्फ स्क्रीन टाइम नहीं, स्क्रीन टाइप भी
फोन सिर्फ टाइम खाने वाला नहीं, कंटेंट से भी दिमाग पर असर डाल सकता है।
- पेरेंटल कंट्रोल ऑन करो
- यूट्यूब किड्स या एज-एप्रोप्रियेट ऐप्स इस्तेमाल करवाओ
- गलत कंटेंट ब्लॉक कर दो


6. नो-फोन जोन बनाओ – जैसे डाइनिंग टेबल और बेडरूम
कुछ जगहों पर फोन अलाउ ही मत करो:
- खाने के वक्त फोन नहीं
- सोने से पहले कम से कम 1 घंटा फोन बंद
- चार्जर और फोन बेडरूम से बाहर रखो
7. पॉजिटिव रिवॉर्ड सिस्टम – कामयाबी पर इनाम
बच्चे को सिर्फ डांटना काम नहीं करेगा – इनाम दो।
- फोन टाइम घटाने पर छोटी-छोटी ट्रीट दो
- वीकेंड मूवी नाइट, आउटिंग या पिज़्ज़ा पार्टी
- बच्चे को लगे कि मेहनत का रिजल्ट मिल रहा है


क्यों जरूरी है ये सब करना?
फोन की लत से बच्चों में ये दिक्कतें हो सकती हैं:
- आंखों की रोशनी पर असर
- नींद की कमी
- ध्यान और पढ़ाई में गिरावट
- सोशल स्किल्स कम होना
आज कंट्रोल किया तो कल बच्चा बैलेंस्ड लाइफ जी पाएगा।
नतीजा – फोन है टूल, खिलौना नहीं
देखो, फोन बुरा नहीं है – सही यूज़ में ये बच्चों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। लेकिन हर चीज़ की लिमिट होनी चाहिए। बच्चे का बचपन सिर्फ स्क्रीन पर मत जाने दो। उन्हें असली खेल, असली बातें और असली दुनिया का मज़ा लेने दो।
आज ही कदम उठाओ – वरना बाद में सिर्फ पछताना बचेगा।



