क्या मोबाइल की लत आपकी आँखों की रोशनी छीन रही है? जानिए उपाय


आज के डिजिटल समय में मोबाइल की लत (Mobile Addiction) और Internet Addiction सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बन चुकी है। हम दिनभर मोबाइल स्क्रीन में आँखें गड़ाए रहते हैं – चाहे social media scrolling, online games हों या work emails। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस excessive mobile use का सबसे बड़ा नुकसान हमारी आँखों को उठाना पड़ता है?

ज़्यादातर लोगों को इसका एहसास तब होता है जब अचानक चश्मा लग जाता है या फिर पहले से लगे चश्मे का number बढ़ने लगता है। खासकर late night mobile usage से सबसे ज्यादा हानि होती है। मोबाइल की Blue Light आँखों पर सीधा प्रहार करती है और लंबे समय तक इसका इस्तेमाल headache, lack of focus और sleep disorders जैसी दिक्कतें भी पैदा करता है।

आपने महसूस किया होगा कि ज्यादा देर तक screen time बढ़ जाने पर न केवल आँखों में थकान होती है बल्कि दिमाग पर भी दबाव पड़ता है। सोचिए अगर यही आदत आपके बच्चों में पड़ गई और 5 साल की उम्र में ही उनकी आँखों पर spectacles चढ़ गए तो क्या यह अच्छी बात है? बिल्कुल नहीं।

लेकिन चिंता मत कीजिए, कुछ आसान habits अपनाकर हम इस समस्या से बच सकते हैं।


Mobile Use के दौरान आँखों को Safe रखने के Tips

  1. Blue Ray Blocker Glasses पहनें – इससे आँखों पर हानिकारक किरणों का असर कम होता है।
  2. Avoid using phone in complete darkness – कई लोग पूरी तरह अंधेरे में उल्लू की तरह मोबाइल घूरते रहते हैं। यह आदत आँखों और दिमाग दोनों पर बुरा असर डालती है। कोशिश करें कि मोबाइल हमेशा adequate light में इस्तेमाल करें।
  3. Morning Mobile Detox – नींद से उठते ही मोबाइल न देखें। इस समय आँखें रोशनी की आदी नहीं होतीं। ऐसे में तेज़ स्क्रीन देखना खतरनाक है। कम से कम आधे घंटे बाद ही मोबाइल चेक करें।
  4. Adjust Brightness Settings – मोबाइल की brightness जितनी हो सके उतनी कम रखें, खासकर रात में।
  5. Teach Kids Healthy Screen Habits – बच्चों को दूरी से मोबाइल इस्तेमाल करने दें और सही brightness पर।
  6. Eye Exercise – जैसे हम body workout करते हैं, वैसे ही आँखों की exercise भी ज़रूरी है। मैं खुद रोज़ करता हूँ। आप भी यह exercise कर सकते हैं,: YouTube Video Link

क्यों ज़रूरी है Digital Detox?

दोस्तों, आँखें ही वो जरिया हैं जिनसे हम इस खूबसूरत दुनिया को देखते हैं। अगर हमने उनकी देखभाल सही से नहीं की और mobile addiction की वजह से उन्हें कमजोर कर लिया, तो सोचना भी डरावना है।

खासकर जिन लोगों को diabetes (sugar patients) है, उनके लिए excessive screen time और भी खतरनाक है क्योंकि diabetes वैसे ही vision को कमज़ोर करती है। ऊपर से mobile overuse, यानी double damage।

ज़रा सोचिए, क्या कुछ देर का सस्ता entertainment इतना ज़रूरी है कि हम अपनी eyesight को दांव पर लगा दें? यही कारण है कि पिछले कुछ सालों में eyewear industry का धंधा तेजी से बढ़ा है – क्योंकि कंपनियों को पता है कि लोग addicted to smartphones हो चुके हैं।

इसलिए मोबाइल चलाइए, लेकिन समझदारी और digital balance के साथ। वरना छोटी सी लापरवाही आपकी आँखों की रोशनी छीन सकती है।


फिर मिलेंगे एक और नए ब्लॉग के साथ। तब तक के लिए Take Care, Protect Your Eyes, और Digital Detox को अपनाइए।

By focuskar

मैं अमित जोशी, एक साधारण इंसान हूँ जो कभी इंटरनेट की लत (Internet Addiction) में उलझा हुआ था। अब अपनी डिजिटल डिटॉक्स यात्रा और अनुभवों के ज़रिए दूसरों को सजग जीवन (Mindful Living) और एकाग्रता (Focus) की राह दिखाने का प्रयास कर रहा हूँ। आप अपने अनुभव मुझसे साझा करना चाहें तो मुझे इस ईमेल पर लिख सकते हैं: amitjoshig@gmail.com

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