24×7 News का हमारे दिमाग़ और मन पर असर
आजकल लगभग हर किसी के पास mobile phone है और उसपर दिनभर अलग-अलग तरह की news flash होती रहती है। पहले के ज़माने में ऐसा नहीं था। News का एक तय समय होता था और उसी समय लोग अख़बार या TV देखकर updated रहते थे। News anchor भी बड़े शांत अंदाज़ में ख़बर देता था, चाहे बड़ी हो या छोटी, उसके चेहरे और बोलने के अंदाज़ में कोई खास फर्क नहीं होता था।
इसी वजह से news सुनने वाला इंसान भी उसे एक “khabar maatr” समझता था, न कि कोई ऐसी चीज़ जो उसकी personal life और emotions को disturb कर दे।
लेकिन आज के समय में news ek business aur ek product बन चुकी है। आपको लगता है कि आप news देख रहे हैं, लेकिन असल में आप एक ऐसे product के consumer हैं, जिसे इस तरह design किया गया है कि आपके दिमाग़ और दिल पर असर डाले। News channels और websites ऐसी ख़बरें दिखाते हैं जिससे आपके अंदर sensations, emotions, anxiety aur curiosity जगे, ताकि आप बार-बार उनके platform पर आते रहें।
लगातार news देखने से क्या असर होता है?
- Negativity overload
- ज़्यादातर लोग दिनभर news websites या channels देखते रहते हैं।
- Problem यह है कि अच्छी ख़बरें आपका ध्यान ज्यादा देर तक पकड़ नहीं पातीं, लेकिन बुरी और डरावनी ख़बरें जैसे – murder, robbery, accidents, corruption scandals – इंसान को खींच लेती हैं।
- धीरे-धीरे आपका दिमाग़ बस negativity से भर जाता है।
- Comparison aur Fear mindset
- हर खबर सुनकर इंसान खुद से compare करने लगता है –
“अच्छा हुआ मेरे साथ ये नहीं हुआ”,
“ओह! दुनिया कितनी खराब हो गई है”,
“समाज कहाँ जा रहा है…” - धीरे-धीरे इंसान को चारों तरफ सिर्फ buraai aur dar ही नज़र आने लगते हैं।
- हर खबर सुनकर इंसान खुद से compare करने लगता है –
- Addiction to news
- धीरे-धीरे ये habit बन जाती है।
- आप बार-बार news sites check करते हो, हर news पर comment करना शुरू कर देते हो।
- इसका असर आपके काम पर पड़ता है क्योंकि focus काम से हटकर बेकार की news पर चला जाता है।
- Mental health par prabhav
- Overexposure to news anxiety, stress aur restlessness ko badha deta hai।
- धीरे-धीरे इंसान irritate aur frustrated hone लगता hai।


Digital Detox और Simple Solution
देखिए, news देखना कोई गलत चीज़ नहीं है। Updated रहना चाहिए। लेकिन problem तब होती है जब आप हर वक्त news ke overload mein jeene लगते हो। अगर आपको लगता है कि रोज़ news देखना जरूरी है तो एक आसान solution है — newspaper पढ़ने की आदत डालें।
- Newspaper पढ़ते समय आपका screen time zero रहता है।
- उसमें comment section distraction नहीं होता।
- ज्यादातर ख़बरें authentic और verified होती हैं।
- Online headlines अक्सर sensational aur clickbait होती हैं, जबकि newspaper balanced रहता है क्योंकि वहां editor की ज़िम्मेदारी होती है।
अगर आप खुद experiment करेंगे तो देखेंगे कि एक ही खबर newspaper में calm तरीके से दी जाती है लेकिन उसी खबर को online sensational बना दिया जाता है ताकि आप क्लिक करें और फँसे रहें।
Final Thoughts
अगर आपको लगता है कि दिनभर news देखने से आपका दिमाग़ heavy और distract हो जाता है, तो यह normal है।
- यह overexposure आपके focus aur mental health ke liye harmful hai।
- Solution simple है: news apps और websites पर बार-बार scroll करना बंद कीजिए।
- सुबह newspaper पढ़ने की आदत डालिए।
- दिमाग़ को unnecessary negativity से बचाइए।


👉 याद रखिए, Internet aur mobile आपके life को better बनाने के लिए बनाए गए थे, distract और परेशान करने के लिए नहीं।
इसलिए इनका इस्तेमाल wisely कीजिए और अपने मन को समय-समय पर digital detox दीजिए।

