हम भारत में रहते है और बताने की जरूरत नहीं यहाँ क्या बच्चे, और क्या बड़े, सभी लोग YouTube, Instagram, Facebook, TikTok (VPN के ज़रिए), Snapchat जैसी apps का खुलेआम इस्तेमाल करते हैं। न स्कूलों में कोई बड़ा प्रतिबंध है, न ही घरों में इस पर कड़ी निगरानी। हाँ, माता-पिता के स्तर पर थोड़ा बहुत कंट्रोल करने की कोशिश ज़रूर होती है, मगर सच कहूँ तो यह अक्सर “control” से ज़्यादा एक struggleबन जाता है।
इसीलिए जब मैं दुनिया के अलग-अलग देशों की तरफ देखता हूँ, तो हैरानी होती है कि कितनी सरकारें बच्चों के हित में आगे बढ़कर social media पर कड़े नियम बना रही हैं। कहीं पूरा ban, कहीं parental consent, तो कहीं age verification—हर जगह अपने तरीके से digital detox का प्रयास हो रहा है।
आइए एक नज़र डालते हैं—कहाँ-कहाँ बच्चों के लिए social media restrictions लागू हैं और क्यों।

दुनिया में सोशल मीडिया पर बच्चे (minors) के लिए लागू प्रतिबंध
1. ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ने सबसे बड़ा कदम उठाया। यहाँ 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए TikTok, Instagram, Facebook, Snapchat, X जैसे platforms पहले ही प्रतिबंधित हो चुके हैं। और अब दिसंबर 2025 से YouTube भी इस लिस्ट में शामिल कर दिया गया है। यानी under-16 बच्चों को कोई भी बड़ा social media इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं है।
2. फ्रांस
फ्रांस ने 2023 में कानून बनाया कि 15 साल से कम उम्र के बच्चे बिना माता-पिता की अनुमति के सोशल मीडिया का उपयोग नहीं कर सकते। अगर कोई platform इसका उल्लंघन करता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
3. स्पेन
स्पेन ने अपने data protection rules को और सख़्त करते हुए बच्चों के लिए consent की उम्र 13 से बढ़ाकर 16 कर दी। यानी अब 16 साल से पहले बच्चे कानूनी रूप से social media पर अपनी डेटा सहमति नहीं दे सकते।
4. नॉर्वे
नॉर्वे ने साफ-साफ़ ऐलान किया है कि अभी तक 13 साल की उम्र से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने की अनुमति थी, लेकिन जल्द ही इस minimum age limit को बढ़ाकर 15 साल किया जाएगा। इसका मतलब यह होगा कि बच्चों को सोशल मीडिया पर entry लेने से पहले थोड़ा और इंतज़ार करना पड़ेगा।
5. इटली
इटली में under-14 बच्चों को सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के लिए parental consent अनिवार्य कर दिया गया है।
6. संयुक्त राज्य (USA): फ्लोरिडा और कैलिफ़ोर्निया
- फ्लोरिडा: यहाँ 14 साल से कम उम्र वालों के लिए social media accounts पूरी तरह बैन हैं, जबकि 14–15 साल के बच्चों को parental consent ज़रूरी है।
- कैलिफ़ोर्निया: यहाँ कानून इस दिशा में आया कि बच्चों को addictive feeds से बचाया जाए—यानी algorithms और notificationsको limit किया जाए। हालाँकि यह क़ानून अभी अदालत में चुनौती झेल रहा है।
7. दक्षिण कोरिया
यहाँ सरकार ने स्कूलों में बड़ा कदम उठाया है। मार्च 2026 से classrooms में मोबाइल फोन और digital devices पूरी तरह बैन कर दिए जाएंगे। यह क़दम बच्चों को distractions और social media addiction से बचाने के लिए है।
8. अल्बानिया
एक दुखद घटना के बाद (जहाँ एक किशोर की हत्या हुई थी), अल्बानिया ने TikTok पर एक साल का बैन लगा दिया।
9. मॉरिशस
चुनाव के दौरान सरकार ने Facebook, Instagram, TikTok और X जैसी apps पर कुछ दिनों का अस्थायी बैन लगाया। हालांकि विरोध के चलते इसे जल्दी हटा लिया गया।
10. नेपाल
बिलकुल हाल ही में नेपाल ने एक बड़ा कदम उठाया और YouTube को बैन कर दिया। वजह बताई गई—बच्चों और युवाओं पर इसका बढ़ता नकारात्मक असर और fake news का फैलाव। यह फैसला अचानक आया और पूरे दक्षिण एशिया में चर्चा का विषय बन गया।

सारांश तालिका
| देश/राज्य | प्रतिबंध / नीति | उम्र सीमा |
| ऑस्ट्रेलिया | सोशल मीडिया बैन | under-16 (YouTube भी शामिल) |
| फ्रांस | parental consent आवश्यक | under-15 |
| स्पेन | डेटा सहमति उम्र बढ़ाई | under-16 |
| नॉर्वे | minimum age limit बढ़ाकर 15 कर रहा है | under-15 |
| इटली | parental consent आवश्यक | under-14 |
| फ्लोरिडा (USA) | under-14 बैन, 14–15 parental consent | under-14, 14–15 |
| कैलिफ़ोर्निया | algorithmic feeds और notifications पर रोक | minors के लिए |
| दक्षिण कोरिया | स्कूलों में मोबाइल phone ban | classrooms |
| अल्बानिया | TikTok पर 1 वर्ष का बैन | – |
| मॉरिशस | चुनाव के दौरान शॉर्ट बैन | – |
| नेपाल | YouTube ban | – |

व्यक्तिगत (Personal) संदेश
मुझे लगता है कि ये सारे नियम हमें सोचने पर मजबूर करते हैं। भारत जैसे देश में जहाँ social media हर बच्चे के हाथ की पहुंच में है, वहाँ सवाल उठता है—क्या हमें भी ऐसे कदम उठाने चाहिए? या फिर हमें parental awareness, digital detox practices और सही education पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए?
आपका इस विषय पर क्या विचार है? comments में ज़रूर बताइए।

