क्या आप अपनी Digital Detox Journey तोड़ने वाले हैं?

Indian student studying at desk, resisting temptation to use smartphone, symbolizing Digital Detox, Internet Addiction control and focus improvement.

हो सकता है आप भी उन लोगों में से हों जो कुछ समय से Digital Detox की journey पर हैं। लेकिन सच मानिए, इस सफर में कई बार ऐसे दिन आते हैं जब personal life में stress हावी हो जाता है—वो stress किसी भी वजह से हो सकता है: पारिवारिक, सामाजिक, आर्थिक या फिर शारीरिक। ऐसे समय में mind को relax करने के लिए अक्सर हम वापस उसी रास्ते की ओर खिंच जाते हैं, यानी इंटरनेट पर बेवजह surfing करना या Social Media scrolling में डूब जाना, ताकि थोड़ी देर dopamine release हो और हमें अच्छा लगे।

लेकिन ज़रा गहराई से सोचिए, क्या ये सिर्फ एक trap नहीं है? Digital Detox के बीच में ही अगर आप internet addiction वाली पुरानी आदतों की तरफ लौट जाते हैं, तो असल में आप अपनी पूरी मेहनत पर पानी फेर रहे होते हैं। अक्सर हम खुद को बेवकूफाना reasons देते हैं जैसे – थोड़ी देर YouTube देख लेने से क्या फर्क पड़ेगा” या कोई नहीं देख रहा, मैं अकेला ही तो हूँ”

सही है, शायद बाहर से कोई नहीं देख रहा, लेकिन आप खुद तो देख रहे हो न। वही pattern, वही mobile addiction जिसने आपके कीमती घंटे बरबाद किए, अब फिर से आपको खींच रहा है। Digital Detox की journey शुरू करने का मकसद ही तो यही था कि आप इस loop से बाहर आ सकें। तो सिर्फ एक छोटे से disappointment phase की वजह से क्यों अपनी मेहनत और focus को waste करें?

याद रखिए, Digital Detox से बाहर निकलने में आपकी मदद कोई और नहीं कर सकता—ना कोई motivational guru, ना कोई दवाई, और ना ही कोई external शक्ति। असली ताकत सिर्फ आपमें है। अगर digital addiction छोड़ना इतना आसान होता तो आज दुनिया भर में लोग mobile addiction और social media distraction के शिकार नहीं होते।

Digital Detox की journey के दौरान जब भी आपका मन भटके या थक जाए, तो ये मत सोचिए कि ये बेकार है। हाँ, आपको लग सकता है कि बाकी लोग mobile में बिज़ी हैं, काम भी कर रहे हैं और खुश भी दिखते हैं। लेकिन असलियत ये है कि वो भी अंदर से बेचैन हैं—उनका दिमाग हर वक्त notifications और news से distract रहता है। आप ही वो इंसान हैं जिसने इस endless scrolling वाली दुनिया से बाहर निकलने का साहस दिखाया है।

इसलिए अपनी journey पर भरोसा रखिए। अगर मन बहुत विचलित हो, तो अपने thoughts को लिख लीजिए लेकिन mobile उठाकर अपने digital upvaas (digital fasting) को मत तोड़िए। यही detox आपकी long-term mental health और focus के लिए सबसे बड़ा investment है।

तो अगली बार जब आप इस trap में फंसने वाले हों, तो खुद से पूछिए—क्या मैं सच में अपने पुराने digital addiction वाले रास्ते पर लौटना चाहता हूँ? जवाब साफ है: नहीं।

हम फिर मिलेंगे एक और blog में। तब तक के लिए take care, bye-bye! और हाँ, याद रखिए—Digital Detox कोई नई चीज़ नहीं है। Mobile और social media से पहले (जैसे हमारे 90s वाले दिनों में) हमारा दिमाग वैसे ही शांत और focused रहता था। आप बस उसी simplicity को वापस ला रहे हो।

By focuskar

मैं अमित जोशी, एक साधारण इंसान हूँ जो कभी इंटरनेट की लत (Internet Addiction) में उलझा हुआ था। अब अपनी डिजिटल डिटॉक्स यात्रा और अनुभवों के ज़रिए दूसरों को सजग जीवन (Mindful Living) और एकाग्रता (Focus) की राह दिखाने का प्रयास कर रहा हूँ। आप अपने अनुभव मुझसे साझा करना चाहें तो मुझे इस ईमेल पर लिख सकते हैं: amitjoshig@gmail.com

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