अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं –
“भाई मेरी mobile की addiction है, बार-बार internet surfing करता हूँ, social media scroll करता रहता हूँ, कैसे छोड़ूँ ये आदत?”
पहले मैं सीधे उन्हें solution बताने लगता था – “ऐसे करो, वैसे करो”।
लेकिन अब मैं ऐसा नहीं करता। अब मैं पहले उनसे कुछ सवाल पूछता हूँ, जिससे मुझे समझ आता है कि वो अपनी problem को कितना गहराई से समझते हैं।
क्योंकि याद रखिए – किसी भी problem का असली solution आपके अंदर ही छुपा होता है।
तो अगर आपको लगता है कि आप smartphone addiction, internet addiction या social media overuse से परेशान हैं, तो पहले अपने आप से ये सवाल पूछिए:
1. आखिर किस वजह से आपको लगता है कि mobile phone का usage कम करना चाहिए?
- क्या आपको पढ़ाई (study focus) में problem हो रही है?
- या काम (work productivity) में कमी आ रही है?
- या फिर बस समय pass करते-करते guilt महसूस होता है?
👉 Example:
मान लीजिए आप student हैं। अगर पढ़ाई आपके लिए important है लेकिन फिर भी subconscious habit के कारण बार-बार phone उठा लेते हैं, तो ये serious problem है।
लेकिन अगर आपके लिए पढ़ाई उतनी ज़रूरी ही नहीं है, तो चाहे मैं आपको कितने भी digital detox tips दूँ, आप उन्हें implement नहीं कर पाएंगे।
यानी, ये सवाल clear करता है कि आपकी problem habit से जुड़ी है या priority से।


2. अगर आप mobile phone नहीं चलाएँगे तो दिनभर क्या करेंगे?
ये बहुत बड़ा सवाल है।
- क्या आप competitive exams की तैयारी करेंगे?
- कोई नई skill सीखेंगे जैसे coding, design या content creation?
- अपनी health और fitness पर focus करेंगे?
- या फिर work tasks को बेहतर तरीके से करेंगे?
👉 Simple सी बात है: अगर आप खुद को किसी productive activity में busy नहीं रखते तो mobile का खालीपन आपको वापस खींच लेगा।
इसलिए digital detox के लिए सिर्फ phone छोड़ना ही काफी नहीं है, आपको उसकी जगह कुछ meaningful काम लाना होगा।
3. जब भी आप phone उठाते हैं, क्या आपको लगता है कि आप गलत कर रहे हैं?
- क्या आप हर बार mindfully phone उठाते हैं? मतलब आपको पता है कि – “हाँ, मैं phone उठा रहा हूँ लेकिन ज़्यादा देर use नहीं करूँगा” या “असल में ज़रूरत नहीं थी, बस relax करने के लिए उठा लिया”।
अगर आपके अंदर ये awareness आती है कि “ये सही नहीं है, मुझे जरूरत नहीं थी, फिर भी उठा लिया” तो समझिए आप digital detox की journey शुरू करने के लिए mentally तैयार हैं। - लेकिन अगर आप हर बार बिना सोचे-समझे phone उठा लेते हैं – सिर्फ यह देखने के लिए कि “social media पर क्या चल रहा है, दुनिया में क्या trending है, या बस boredom दूर करने के लिए कोई comedy video देख लूँ” – तो ये signal है कि आप अभी तैयार नहीं हैं।
👉 फर्क बस इतना है कि जो लोग phone use करते समय awareness रखते हैं (चाहे थोड़ी guilt ही क्यों न आए), वो धीरे-धीरे खुद को control करना सीख सकते हैं। लेकिन जो लोग बिना किसी सोच के हर बार scroll कर लेते हैं, उन्हें सबसे पहले अपने mind को जागरूक करना होगा।


4. आपका goal क्या है – Short Term या Long Term?
- अगर आपका लक्ष्य सिर्फ exam clear करना है और उसके बाद फिर unlimited mobile use करना है, तो ये गलत approach है।
- Digital detox का असली फायदा तभी मिलेगा जब आप इसे long term habit बनाएँगे।
👉 Example:
मान लीजिए आप doctor बनने के लिए पढ़ाई कर रहे हैं और इस दौरान phone से दूर रहते हैं। लेकिन degree मिलने के बाद दिनभर mobile पर लगे रहते हैं, तो ये गलत mindset है।
असल में होना ये चाहिए कि doctor बनने के बाद आप अपनी skills को और sharp करें, research पढ़ें, patients के साथ बेहतर time spend करें – ना कि gossip posts और endless scrolling में फँसे रहें।
5. क्या आप Digital Detox अपने लिए कर रहे हैं या दुनिया को दिखाने के लिए?
ये सबसे बड़ा सवाल है।
- अगर आप सिर्फ दूसरों को दिखाने के लिए detox कर रहे हैं (“देखो मैं social media use नहीं करता, मैं अलग हूँ”) तो इसका कोई फायदा नहीं।
- लेकिन अगर आप self growth और mental health के लिए detox कर रहे हैं, तो यकीन मानिए ये आपके अंदर गहरे positive बदलाव लाएगा।
👉 Digital detox से बाहर से बहुत बड़ा change नहीं दिखेगा। लेकिन अंदर से आपको feel होगा कि –
- आप comparison कम करते हैं।
- छोटी-छोटी problems में overreact नहीं करते।
- लंबे घंटे काम करने के बाद भी frustration की बजाय बस थकान महसूस करते हैं।
- एक अच्छी नींद लेकर fresh feel करते हैं।


Final Note
दोस्तों, अगर आप भी मेरे साथ इस digital detox journey पर चलना चाहते हैं तो पहले इन सवालों के honest answers खुद को दीजिए।
क्योंकि असली तैयारी mental होती है।
जब आप खुद तैयार होंगे, तभी ये journey आपके लिए आसान और effective बनेगी।
👉 अगली बार फिर मिलते हैं एक नए ब्लॉग में।
तब तक के लिए – bye bye, take care.

