Lower Middle Class & Mobile addiction

आज हमारा टॉपिक थोडा अलग है, आज मैं बात करूँगा लोअर मिडिल क्लास की, मिडिल क्लास नहीं उसकी तो सभी लोग बात करते है, मैं बात कर रहा हूँ लोअर मिडिल क्लास की ।  भाई, एक सच्चाई है – अगर आप lower middle class से आते हो, जहाँ पिताजी छोटी-मोटी नौकरी करके घर चला रहे हैं, और आप बिना मेहनत किए दिन-भर मोबाइल हाथ में लेकर बैठे रहते हो, तो सोच लो ये आदत आपको कहीं नहीं ले जाएगी।

Mobile addiction से घर में रोटी नहीं आने वाली। करियर बनाना है तो skill seekho, time ko sahi jagah invest karo। अगर इतना ही फ़ालतू समय है तो किसी internship में लगाओ, कोई नई skill सीखो। आजकल internet पर हर तरह की opportunities और free resources available हैं – बस ज़रूरत है सही direction में use करने की। लेकिन अगर यही सोचोगे कि mobile dekhne se career ban जाएगा, तो ये सिर्फ apna waqt barbaad karna है।

Middle Class और Lower Middle Class का फर्क

अक्सर फिल्मों और social media पर सिर्फ “middle class” शब्द सुनने को मिलता है। लेकिन lower middle class क्या होता है, इसकी हकीकत समझते है जो समझनी बहुत जरुरी है क्यूंकि हमारे देश में इनकी संख्या सबसे ज्यादा ।

  • Middle class वो परिवार होते हैं जहाँ पिताजी doctor, teacher, engineer, govt job employee या किसी अच्छे profession में काम करते हैं। उनकी salary 75 हज़ार से ऊपर होती है। वो पिछले बहुत सालो से काम कर रहे होते है, उनके पास गाँव में या शहर में ही पुश्तेनी जमीन जायजाद भी होती है, शहर में उनका अपना मकान भी होता है यानी उन्हें किराया नहीं देना होता है उन्होंने अपनी रिटायरमेंट तक इतना पैसा कमा लिया होता है कि एक तो वो अपने बच्चो को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते है और फिर पढ़ाई पूरी होने के बाद वह अपने बच्चों पर लाखों रुपये खर्च करके अच्छे courses (जैसे engineering, BCA, MCA) करवा सकते हैं। जिससे बाद में उनके बच्चे आसानी से किसी MNC (multinational company) में शुरुआत में ही 40–50 हज़ार की job पा लेते हैं।
  • लेकिन lower middle class की कहानी दूसरी है। यहाँ पिता किसी दुकान पर काम करते हैं, कोई plumber, कोई driver, या फिर किसी छोटी company में छोटी-मोटी नौकरी करता है। यह लोग अक्सर किराए के घर में रहते है, पिताजी की Salary मुश्किल से 15–20 हज़ार होती है और इनका गाँव में कोई पुश्तेनी मकान या जमीन भी नहीं होती है जिसे बेचकर यह अपने बच्चो को अच्छे स्कूल में शिक्षा दे सके।  ऐसे घरों के बच्चों की पढ़ाई ज़्यादातर सरकारी school से होती है। न उनकी English strong होती है और न ही  confidence high होता है। और ऊपर से वो किसी छोटे institute से 5–10 हज़ार का computer course कर लेते हैं जिसकी आज के market में कोई खास value नहीं है।

तो मेरी सीधी सीढ़ी चेतावनी है ऐसे बच्चो को और उनके पेरेंट्स को कि अगर ऐसे घरो के बच्चे दिन-भर mobile par reels dekhte रहें, time waste करें, तो उनका career शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगा।


Mobile Addiction से सावधान 🚨

मैं ऐसे बच्चों को साफ warning देना चाहता हूँ – अगर आपने mobile का इस्तेमाल सिर्फ entertainment के लिए किया, तो आप internet addiction और distractions के trap में फँस जाओगे। Time waste भी होगा और कोई skill bhi develop नहीं होगी।

इसलिए mobile aur internet का इस्तेमाल सही तरीके से करो, आप बहुत कम पैसो में सिर्फ इन्टरनेट से youtube से भी कुछ कोर्स सीख सकते हो जैसे कि :

  • Graphic designing सीखो
  • Web designing सीखो
  • Coding, digital marketing aur freelancing try karo
  • Communication aur English improve करो

याद रखो, सही तरीके से एक कोर्स में अपना टाइम इन्वेस्ट करना  और मोबाइल का कम से कम उपयोग करना आपके focus और concentration को बढ़ाता है जो आगे चलकर आपके लिए ही फायदेमंद होगा।


Lower middle class के बच्चे Future के लिए क्या करें?

👉 Free internships करके experience लो, टाइम है ना waste ना करके invest karo.
👉 अगर खर्चे की दिक्कत है तो tuition पढ़ाकर manage करो और मेहनत से इंटर्नशिप करोगे तो वो कंपनी भी आपको जल्दी ही पैसे देने लगेगी.
👉 Skills aur knowledge par invest करो – ये life-time ka asset है, कुछ काम नहीं आएगा सिवाए स्किल्स और नॉलेज के.
👉 Mobile ko sirf सीखने और productivity के लिए use करो, time pass के लिए नहीं वरना फ़स जाओगे.

अगर आज आप distractions से बचकर मेहनत करोगे, focus aur concentration बढ़ाओगे, तो कल आपकी ज़िंदगी बेहतर होगी। वरना बुरा मत मानना अपने पिताजी की तरह वही छोटी-मोटी नौकरियाँ करनी पड़ेंगी – telecaller, receptionist, field boy, online delivery, shop mein salesman – जिनमें रात रात तक काम करना पड़ता है पर कोई growth नहीं है।

आज internet ke yug mein आपके पास हर skill सीखने का मौका है। चाहे coding हो, communication skills ho ya freelancing – सब कुछ आपके हाथ में है। और हाँ Distraction यानी कि मोबाइल भी आपके हाथ में है, फैसला आपको करना है कि आपको उससे अपना career बनाना है या फिर बिगाड़ना है ।


आख़िरी बात

मेरे प्यारे lower middle class दोस्तों – mobile addiction छोड़ो, apni energy aur time सही जगह लगाओ। Apna focus aur concentration बढ़ाओ, skills development पर ध्यान दो। याद रखो – समय सबसे कीमती है और एक बार चला गया तो वापस नहीं आता।

आज से ही internet का सही इस्तेमाल करो, सीखो और आगे बढ़ो।

Digital detox, focus aur skills hi आपके career की सच्ची चाबी हैं।

फिर मिलेंगे एक नए blog में, तब तक apna dhyaan rakho और apne goals par टिके रहो।

By focuskar

मैं अमित जोशी, एक साधारण इंसान हूँ जो कभी इंटरनेट की लत (Internet Addiction) में उलझा हुआ था। अब अपनी डिजिटल डिटॉक्स यात्रा और अनुभवों के ज़रिए दूसरों को सजग जीवन (Mindful Living) और एकाग्रता (Focus) की राह दिखाने का प्रयास कर रहा हूँ। आप अपने अनुभव मुझसे साझा करना चाहें तो मुझे इस ईमेल पर लिख सकते हैं: amitjoshig@gmail.com

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