कभी आपने नोटिस किया है कि आपके पास करने के लिए काम तो बहुत हैं, लेकिन आप हर बार सोचते हैं – “अभी नहीं, थोड़ी देर में कर लूंगा”… और फिर वो काम या तो आखिरी समय पर होता है या बिल्कुल नहीं होता? अगर हाँ, तो हो सकता है आपको काम टालने की आदत (Procrastination) लग चुकी हो।
ये आदत सिर्फ समय बर्बाद नहीं करती, बल्कि आपका टैलेंट, क्रिएटिविटी और ग्रोथ — सबको धीमा कर देती है। कई बार बेहद टैलेंटेड लोग भी अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पाते सिर्फ इसलिए कि वे काम शुरू करने में देर कर देते हैं।

क्यों खतरनाक है यह आदत?
काम टालने की आदत सिर्फ आलस नहीं है, ये धीरे-धीरे आपकी प्रगति पर ताला लगा देती है। इसके कुछ बड़े नुकसान हैं:
क्वालिटी भी गिरती है, जिससे रिजल्ट अच्छे नहीं आते।
टैलेंट बर्बाद होना
आपके पास आइडिया, स्किल, नॉलेज — सब कुछ है, लेकिन काम समय पर शुरू न करने से वो कभी सही रूप नहीं ले पाता।
आप जो हासिल कर सकते थे, वो सिर्फ सोच में रह जाता है।
आत्मविश्वास में गिरावट
बार-बार काम टालने से आप खुद पर भरोसा खोने लगते हैं।
लगता है कि आप डिसिप्लिन में कमजोर हैं, और ये सोच आपको और पीछे खींचती है।
मौके खोना
कई मौके सिर्फ एक तय समय तक होते हैं।
अगर आप उन्हें पकड़ने में देर कर दें, तो बाद में सिर्फ पछताना रह जाता है।
तनाव और दबाव
आखिरी समय में भाग-दौड़ में काम करने से तनाव बढ़ता है।

क्यों टैलेंटेड लोग भी फँस जाते हैं इस आदत में?
ये सुनने में अजीब लगता है, लेकिन अक्सर सबसे ज्यादा टैलेंटेड लोग ही इस जाल में फँस जाते हैं। वजहें:
आसानी से बोर होना: टैलेंटेड लोग जल्दी बोर हो जाते हैं और नया शुरू करने से पहले ही थक जाते हैं।
परफेक्शन का दबाव: टैलेंटेड लोग अक्सर चाहते हैं कि उनका काम 100% परफेक्ट हो, और इसी सोच में वो शुरू ही नहीं करते।
ज्यादा सोचने की आदत: ज़्यादा विश्लेषण करने से काम की शुरुआत देर से होती है।
सेल्फ-ट्रस्ट कम होना: कई बार अंदर ही अंदर लगता है कि “अगर अच्छा नहीं हुआ तो?” — ये डर स्टार्ट बटन दबाने से रोक देता है।

इस आदत से बाहर निकलने के आसान तरीके
1. काम को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़ें
- बड़े काम डराने वाले लगते हैं, लेकिन अगर उन्हें छोटे-छोटे स्टेप्स में तोड़ दें तो आसान हो जाता है।
- उदाहरण: “पूरी रिपोर्ट लिखनी है” के बजाय “आज सिर्फ इंट्रो लिखनी है”।
2. “5 मिनट रूल” अपनाएं
- खुद से कहिए – “बस 5 मिनट काम करूंगा”।
- ज़्यादातर मामलों में आप 5 मिनट बाद भी काम जारी रखते हैं क्योंकि शुरुआत हो चुकी होती है।
3. डिस्ट्रैक्शन दूर करें
- काम के दौरान मोबाइल, सोशल मीडिया, टीवी से दूरी बनाएं।
- नोटिफिकेशन बंद करें और एक फोकस्ड माहौल बनाएं।
4. डेडलाइन तय करें
- खुद के लिए एक सख्त समय सीमा बनाएं, चाहे वो असली डेडलाइन से पहले क्यों न हो।
- डेडलाइन पब्लिकली शेयर करें ताकि आप पर थोड़ा दबाव बने।
5. खुद को रिवॉर्ड दें
- काम पूरा करने पर अपने लिए छोटी-छोटी खुशियाँ रखें – चॉकलेट, मूवी, घूमना।
- दिमाग को पॉजिटिव फीडबैक मिलता है और अगली बार शुरुआत आसान होती है।
6. परफेक्शन की आदत छोड़ें
- पहले काम को पूरा करने पर ध्यान दें, बाद में सुधार कर लें।
- “Done is better than perfect” वाली सोच अपनाएं।
7. अपनी ऊर्जा पहचानें
- दिन के उस समय में काम करें जब आप सबसे ज्यादा अलर्ट और फ्रेश हों।
- सुबह, दोपहर या रात – हर किसी का पीक टाइम अलग होता है।
नतीजा
काम टालना एक तरह से आपके खुद के टैलेंट के खिलाफ काम करना है। आप जितना ज्यादा देर करते हैं, उतना ज्यादा आपका दिमाग बहाने बनाने में एक्सपर्ट हो जाता है।
अगर आप चाहते हैं कि आपकी स्किल, आपकी मेहनत और आपकी क्षमता का पूरा इस्तेमाल हो, तो काम टालने की आदत से आज ही बाहर निकलने की शुरुआत करें। शुरुआत छोटी हो सकती है – लेकिन शुरुआत ज़रूरी है।

