लिखना भूल गए हैं और पढ़ने की आदत छूट गई है

क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों हो रहा है?
क्यों आजकल हम न तो लंबे समय तक बैठकर कोई किताब पढ़ पाते हैं और न ही कुछ देर ध्यान से लिख पाते हैं?

असल वजह है हमारा गिरता patience level और कम होता attention span

Instagram और Facebook की reels देखते-देखते हमारा attention span सिर्फ 5 सेकंड का रह गया है। ये मज़ाक की बात नहीं है, बल्कि गंभीर चिंता का विषय है।

आजकल हम बड़े गर्व से कहते फिरते हैं –
“अब तो मुझसे पढ़ाई नहीं होती, जल्दी बोर हो जाता हूँ।”

लेकिन सोचिए, अगर यही हाल चलता रहा तो आने वाले समय में न तो हम खुद किताबें पढ़ने लायक रहेंगे और न ही हमारी आने वाली पीढ़ी। सब बस इंस्टाग्राम जैसी जगहों पर कुछ सेकंड का pleasure ढूँढते रहेंगे।

असल में ये pleasure आपके दिमाग को junk food की तरह भर देता है – स्वाद तो आता है, पर शरीर की तरह दिमाग भी धीरे-धीरे कमजोर और dull होने लगता है। सोचने-समझने और तर्क करने की क्षमता खत्म हो जाती है। दिमाग बस यही सोचता है – “कुछ नया देखूँ, कुछ और देखूँ, कुछ और scroll करूँ…”


कब तक चलेगा ये सिलसिला?

जब तक हम पूरी तरह से Internet Addiction के शिकार न हो जाएँ।
या फिर जब तक हमें किताब, आर्टिकल या गहरी बातें उबाऊ लगने न लगें और मज़ा सिर्फ social media पर ही आए।

लेकिन याद रखिए –
अगर आपकी पढ़ने और लिखने की क्षमता पर असर पड़ रहा है, तो ये एक खतरे की घंटी है।

सोचिए – Social Media Knowledge से आप कभी भी बौद्धिक रूप से मज़बूत नहीं बन सकते। ये सिर्फ आपके दिमाग में कचरा भरता है।
इसलिए ज़रूरी है कि आप अपनी reading habit वापस लाएँ।


Digital Detox के लिए कुछ आसान Tips

  1. Newspaper पढ़ने की आदत डालें
    सोशल मीडिया पर endless scrolling के बजाय अखबार पढ़ना शुरू करें। इससे आपकी concentration power बढ़ेगी और आप अनावश्यक comments या distraction से भी बचेंगे।
  2. एक ही जगह ध्यान केंद्रित होगा
    जब आप मैगज़ीन या अखबार पढ़ते हैं, तो आपका ध्यान सिर्फ उस लेख पर रहता है। इंटरनेट की तरह यहां बार-बार नए pop-ups या articles आपको distract नहीं करते।
  3. विश्वसनीय जानकारी मिलेगी
    Newspaper और magazines अब भी खबरें छानबीन करके लिखते हैं। जबकि इंटरनेट पर बहुत कुछ सिर्फ views और likes के लिए डाला जाता है।
  4. छोटे से शुरुआत करें
    शुरू में छोटे-छोटे articles, short stories या columns पढ़ें। सीधे मोटी किताब या novel लेकर न बैठें, वरना जल्दी बोरियत होगी। धीरे-धीरे habit वापस आ जाएगी।

निष्कर्ष

पढ़ना और लिखना – ये दोनों ही इंसान की ज़िंदगी में बेहद ज़रूरी हैं।
अगर हम इन दोनों की आदत खो देंगे, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान हमें और हमारी आने वाली पीढ़ी को होगा।

आज ही Digital Detox की शुरुआत कीजिए और खुद को Internet Addiction से बचाइए।
वरना कल जब हम अपने बच्चों को किताबों से दूर और उनका ध्यान भटका हुआ देखेंगे, तो हम सिर्फ पछताएँगे।

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